नवविधि तारा / शुभ - अशुभ नक्षत्र प्रभाव

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वैदिक ज्योतिष में, अपने पूरे जीवन पर नवतारा को लागू करने का अर्थ है दैनिक गोचर से आगे बढ़कर जीवन के प्रमुख अध्यायों (दशाओं) और दीर्घकालिक ग्रहीय अवधियों का विश्लेषण करना।

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जब किसी ग्रह का नक्षत्र आपके जन्म नक्षत्र के सापेक्ष किसी विशिष्ट तारा से मेल खाता है, तो उस ग्रह की दशा या गोचर आपके स्वास्थ्य, करियर और रिश्तों के लिए उस तारा के प्रभाव को सक्रिय कर देता है।

जीवन चक्र कैसे काम करते हैं (3 चक्र)

27 नक्षत्रों को 9 तारों के 3 समान समूहों (जिन्हें पर्याय या चक्र कहा जाता है) में विभाजित किया गया है, जो जीवन और चेतना के विभिन्न चरणों का प्रतिनिधित्व करते हैं:

पहला चक्र (तारे 1 से 9 - जन्म पर्याय): स्वयं, शरीर, प्रारंभिक बचपन और शारीरिक नींव से संबंधित है।
दूसरा चक्र (तारे 10 से 18 - अनुजन्म पर्याय): मध्यम आयु, करियर, पारिवारिक जीवन और भौतिक प्रयासों से संबंधित है।
तीसरा चक्र (तारे 19 से 27 - त्रिजन्म पर्याय): परिपक्व जीवन, ज्ञान, विरासत और आध्यात्मिक परिणामों से संबंधित है।

अपने जीवन चक्रों की गणना करने के लिए, अपने जन्म नक्षत्र (तारा 1) से क्रमबद्ध रूप से तारा 27 तक गणना करें।

प्रत्येक चक्र का जीवन भर का प्रभाव

संख्या 1, 10, 19: जन्म तारा (पहचान और शारीरिक स्वरूप)


तारे: आपके जन्म नक्षत्र से पहला, 10वां और 19वां तारा।
जीवन पर प्रभाव: इन नक्षत्रों में स्थित या गोचर करने वाले ग्रह सीधे आपके शरीर, स्वास्थ्य, जीवन शक्ति और व्यक्तिगत स्थिति को प्रभावित करते हैं। इन अवधियों के दौरान जीवन में बड़े बदलाव या व्यक्तिगत पहचान में परिवर्तन होते हैं।

संख्या 2, 11, 20: संपत तारा (धन और संपत्ति)


तारे: आपके जन्म नक्षत्र से दूसरा, 11वां और 20वां तारा।
जीवन पर प्रभाव: इन्हें "धन के तारे" के रूप में जाना जाता है। जब दशा स्वामी या गोचर में गुरु (बृहस्पति) इन संख्याओं से गुजरते हैं, तो आप वित्तीय वृद्धि, संपत्ति निर्माण, करियर में पदोन्नति और भौतिक विस्तार का अनुभव करते हैं।

संख्या 3, 12, 21: विपत तारा (कठिनाइयां और अप्रत्याशित मोड़)


तारे: आपके जन्म नक्षत्र से तीसरा, 12वां और 21वां तारा।
जीवन पर प्रभाव: अचानक बदलाव, वित्तीय तनाव या भावनात्मक तनाव उत्पन्न करता है। इन अवधियों के दौरान, उच्च जोखिम वाले निवेश, अनावश्यक विवादों और कानूनी दांव-पेंचों से पूरी तरह बचना चाहिए।

संख्या 4, 13, 22: क्षेम तारा (सुरक्षा और शांति)


तारे: आपके जन्म नक्षत्र से चौथा, 13वां और 22वां तारा।
जीवन पर प्रभाव: दीर्घकालिक स्थिरता, शारीरिक सुधार, पारिवारिक सुख और मानसिक शांति लाता है। संपत्ति खरीदने, बसने या दीर्घकालिक सुरक्षित उद्यम शुरू करने के लिए यह उत्कृष्ट समय होता है।

संख्या 5, 14, 23: प्रत्यक तारा (बाधाएं और प्रतिस्पर्धा)


तारे: आपके जन्म नक्षत्र से 5वां, 14वां और 23वां तारा।
जीवन पर प्रभाव: आंतरिक घर्षण और बाहरी विरोध का प्रतिनिधित्व करता है। इन अवधियों में सफलता मिलती है, लेकिन देरी, विवादों का सामना करने या कई बार काम को दोबारा करने के बाद ही।

संख्या 6, 15, 24: साधना तारा (दक्षता और उपलब्धि)


तारे: आपके जन्म नक्षत्र से 6ठा, 15वां और 24वां तारा।
जीवन पर प्रभाव: जीवन की उपलब्धियों के लिए सबसे शक्तिशाली संख्याओं में से एक। इन अवधियों के दौरान की गई कड़ी मेहनत बड़ी सफलता, प्रतिष्ठा, उच्च शिक्षा और कौशल में दक्षता दिलाती है।

संख्या 7, 16, 25: नैधन / वध तारा (बड़ा परिवर्तन और संवेदनशीलता)


तारे: आपके जन्म नक्षत्र से 7वां, 16वां और 25वां तारा।
जीवन पर प्रभाव: इस योजना में सबसे संवेदनशील संख्या। यह गहन परिवर्तन, स्वास्थ्य संबंधी कमजोरियों या गहरे भावनात्मक नुकसान के दौर को दर्शाता है। इसमें अत्यधिक सावधानी, नियमित स्वास्थ्य जांच और आध्यात्मिक साधना की आवश्यकता होती है।

संख्या 8, 17, 26: मित्र तारा (सहयोग और साझेदारी)


तारे: आपके जन्म नक्षत्र से 8वां, 17वां और 26वां तारा।
जीवन पर प्रभाव: सहायक मार्गदर्शक, विश्वसनीय साझेदार, मददगार मित्र और सहज सहयोग लाता है। विवाह, संयुक्त व्यापारिक उद्यमों और अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए यह आदर्श समय है।

संख्या 9, 18, 27: परम मित्र तारा (परम संतुष्टि और कृपा)


तारे: आपके जन्म नक्षत्र से 9वां, 18वां और 27वां तारा।
जीवन पर प्रभाव: ईश्वरीय कृपा और गहरी संतुष्टि के शिखर का प्रतिनिधित्व करता है। यह उच्च सम्मान, आध्यात्मिक उन्नति, दीर्घकालिक सफलता और जीवन बदलने वाले सकारात्मक अवसर लाता है।

ज्योतिषी जन्म कुंडली में इसका उपयोग कैसे करते हैं


1. आपके दशा ग्रहों का विश्लेषण: यदि आपका मुख्य दशा ग्रह (महादशा स्वामी) ऐसे नक्षत्र में स्थित है जो आपकी साधना या संपत तारा के अंतर्गत आता है, तो वह पूरी 10-20 साल की अवधि उच्च उपलब्धि और समृद्धि लेकर आएगी। यदि यह नैधन या विपत में स्थित है, तो उस अवधि में विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है।

2. अनुकूलता (विवाह और व्यवसाय): ज्योतिषी यह जांचते हैं कि आपके जन्म नक्षत्र से गणना करने पर आपके साथी का जन्म नक्षत्र कहाँ पड़ता है। यदि उनका तारा आपके मित्र, परम मित्र या क्षेम पर आता है, तो यह संबंध स्वाभाविक रूप से सामंजस्यपूर्ण और सुरक्षात्मक होता है।

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